बड़े अजीब हैं ये

बड़े अजीब हैं ये

बड़े अजीब हैं ये मुझसे ख़ार खाते हैं,
खुद ही जलते हैं खुद ही ख़ाक में मिल जाते हैं।
मुझे लगता है ये परवाने हैं तरक्की के,
जहाँ भी देखते हैं खुद ही खींचे आते हैं।
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